Horror ghost story

भूत की कहानी – श्मशान का भूत : Bhoot ki kahani (Ghost Story – Ghost of the Crematorium)

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हेलो दोस्तों भूत की कहानी शमशान के भूत की कहानीBhoot ki kahani हम आपको इस लेख के माध्यम से सुनाने जा रहे हैं जो की आपबिती एक सच्ची स्वयं पर गुजरी भूत की मुलाकात वह भी शमशान के भूत की कहानी के बारे में सुनाने जा रहा हूं आपको यह कहानी पढ़कर अवश्य ही अवगत होगा कि वास्तव में भूत होते हैं या नहीं होते हैं। क्या होगा यदि आपके सामने अचानक से कोई भूत आ जाए तो आप क्या करेंगे मैं इस कहानी के माध्यम से आपको भूत की बारे में बताने जा रहा हूं ,यह कहानी सच्ची आपबीती घटना पर आधारित है | जो मेरे साथ घटी थी| आज तक क्या आपने भूत और आत्मा के बारे में सुना है या उसे देखा है| मैं भी भूत और आत्मा के बारे में सुना तो था लेकिन देखा नहीं था |

आइए भूत की कहानी पढ़ कर आनंद लेते हैं-

मेरा नाम मोनू है मैं एक छोटे से गांव में रहता हूं इस गांव के चारो तरफ खेत ही खेत हैं | यह गांव हाईवे से लगभग 2 या 3 किलोमीटर दूर है हाईवे से गांव को आने वाली सड़क बिल्कुल शमशान के किनारे से आती है मैं एक बार अपने किसी दोस्त के घर गया था दोस्त का घर शहर में था | वहाँ से मुझे बस में वापस आना पड़ा मैं अपने घर के लिए वहां से सुबह ही निकल पड़ा लेकिन घर आने तक रात हो गई बस मुझे हाईवे पर ही छोड़ कर चली गई मैं वहां से पैदल ही घर के लिए निकला ठंडक का मौसम था सीट की बूंदे गिरी हुई थी कुछ दिखाई नहीं दे रहा था ठंडी ठंडी हवा चल रही थी मैंने अपने गांव के रास्ते पर चलना शुरू किया कुछ देर जाने के बाद मुझे एक आदमी दिखाई पड़ा मैं उस आदमी के पास जाना चाहता था लेकिन जैसे-जैसे मैंने उसके नजदीक जाने की कोशिश की वैसे वैसे ही वह आगे की तरफ शमशान की ओर जाने लगा|

मुझे बिल्कुल भी कोई डर नहीं लग रहा था क्योंकि मैं कभी भूत और आत्मा के बारे में नहीं सुना और नहीं जाना था ना ही देखा था इसलिए मुझे कोई डर नहीं था जब मैंने उसे आवाज लगाई तो वह वहां से गायब हो गया मैं बिल्कुल हक्का-बक्का सा रह गया मुझे लगा कि वह कौन हो सकता है आखिर वह इतनी रात में यहां क्या कर रहा होगा और इतनी जल्दी कहां गायब हो गया फिर मैंने अपने गांव की तरफ चलना शुरू किया कुछ दूर जाने के बाद मुझे ऐसा आहट प्रतीत हुआ कि मेरे पीछे कोई आ रहा है|जब मैंने पीछे मुड़ कर देखा तो बिल्कुल डर सा गया एक आदमी जो सफेद कपड़े में धीरे धीरे से चला आ रहा था मैं डरते हुए रुका और बोला आप कौन हो ? उसने मुझे इशारे से अपने पास बुलाने की कोशिश की पर मैं उसके पास जाना नहीं चाहता था जैसे ही मैंने अपने घर की तरफ चलना शुरू किया फिर मुझे ऐसा प्रतीत हुआ कि मेरे पीछे पीछे कोई फिर आ रहा है मैंने फिर मुड़ कर देखा तो वही आदमी सफेद कपड़े में चला आ रहा था वह मात्र एक हड्डी का ढांचा था जो सफेद कपड़े ओड रखे थे जिससे मुझे बहुत ही डर लगने लगा और मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई मुझे लगा आज मैं मारा जाऊंगा मैं वहां से तुरंत ही भागना शुरू किया और घर पर पहुंचकर ही रुका जब मैं घर पर पहुंचा तो सब लोग सो रहे थे मैंने दरवाजे पर आवाज लगाई तो दादा जी ने दरवाजा खोला मैं उसी समय दादा जी को अपनी रास्ते की आप बीती कहानी सुनाई |

तब मेरे दादाजी ने बताया कि शमशान से आत्माएं निकलकर रात में खूंखार बनकर वही आत्माएं भोजन की तलाश में भटका करती हैं, जो भी उसे रात में मिलता है , ये आत्माएं उस आदमी को मार डालती हैं ।

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दादाजी ने मेरे सर को सहलाते हुए कहा कि अच्छा किया था जो तूने बाबाजी का ताबीज पहन रखा था नहीं तो वह तुम्हें भी मार डालता वह बहुत ही खूंखार और खतरनाक होता जा रहा है । आए दिन वह किसी ना किसी को अपना शिकार बना लेता है पहले वह बोलता नहीं फिर धीरे-धीरे वह अपने तरफ बुलाता हुआ शमशान के पास लेकर जाता है और जब उसके साथ आदमी चला जाता है तो वह शमशान पर ही खून कर देता है और उसके खून को पी लेता है जिससे उसकी भूख को शांति मिलती हैं।

बेटा आज के बाद कभी भी रात में उधर नहीं जाना ना ही आना इस रास्ते से कोई भी रात में नहीं आता है ना ही जाता है यह रात के लिए बहुत ही खतरनाक रास्ता हो गया है इस रास्ते पर अकेले आना जाना सही नहीं रहता है ।

दोस्तों उसके बाद मैं कभी भी रात में उधर उस रास्ते पर कभी भी नहीं गया और ना ही किसी को जाने देता हूं जो भी मुझसे मिलता है मैं रात को उधर जाने से मना करता हूं और अपनी आपबीती भूत के बारे में सुनाता रहता हूं जिससे लोगों में काफी डर पैदा हो गया है और लोग उधर नहीं जाते हैं यह रास्ता सीधा शमशान घाट से होते हुए हाईवे तक जाता है रात में यह रास्ता बिल्कुल बंद हो जाता है।

दोस्तों या कहानी कोई काल्पनिक कहानी नहीं है यह मेरी आपबीती है जो मैंने भूत की कहानी के नाम से लिख रहा हूं वास्तव में भूत होते हैं जो हमें कहीं ना कहीं मिल जाते हैं और हमारे लिए और हमारे समाज के लिए यह खतरनाक सिद्ध होते हैं इसलिए सुनसान रास्ते पर कभी भी आप लोग भी जाने से पहले एक बार जरूर सोचें कि क्या सुनसान रास्ते से जाना उचित होगा , या अनुचित होगा ।

कहानी को पढ़ने के बाद अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं कि क्या वास्तव में भूत होते हैं या नहीं होते हैं या आप लोगों से कभी बहुत से मुलाकात हुई है या नहीं हुई है । मुझे जरूर बताएं कि कैसे आप लोगों को भूत से मुलाकात हुई है और किस प्रकार अनुभव किया है जब भूतों से मुलाकात होती है या कभी रास्ते में भूत मिल जाए।

इसी प्रकार भूत की कहानियों को पढ़ने के लिए हमारे इस वेबसाइट 4mg.in पर बने रहें और हम रोचक कहानियां, भूत की कहानियां मित्रों की कहानियां और इत्यादि कहानियां जिसमें लंगड़े अंधे की कहानियां भी लिखते हैं जिससे आप अपने बच्चों को भी यह कहानी सुना सकते हैं और उनमें साहस भर सकते हैं ।

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